इम्तिहान

कैसे कहूँ की मुझे कुछ कहना है,

दिल में दबी आवाज को आप तक पहुचाना  है,

ज़हेन में मची बेकरारी को मिटाना है,

अभी तो ऐसे कई इम्तिहानो से गुजरना है..!!

– निसर्ग

हुस्न…!!!

जुल्फ घनहरी वादी में, पूरी रात मैं सोता रहू,

बाहोंमें सिमटे लिपटे हुए, प्यार तुम्ही से करता रहू,

हल्की हल्की साँसों की बढती हुई रफ्तारोमें ,

होशमें ना आऊ आज, हुस्नकी नदीमें पिघलता रहू ।।

– निसर्ग

इशारे

मेरी साँसों की रफ्तारे,

धडकनों की बढती बेचेनिया,

सीने में उठती ये हसीं सिसकिया,

सब इशारे है बस तुझी को पाना ।।

– निसर्ग

जब तक है जान – My Version

तेरे होठों की हंसी को पलट पलट के देखना ,

खाली रास्तो पे तेरा इंतज़ार करते रेहना ,

महफ़िलो में तुजसे तिरछी नज़र से बाते करना ,

नहीं भूलूंगा तेरे बिन बीते हर लम्हे को ,

जब तक है जान, जब तक है जान…!!!

– निसर्ग

चाँद …

सूरज क्षितिज पे जा रहा है,
रात का साया एक बार फिर दिन पे आया है …

आज चाँद ने मेरी खिड़की पे दस्तक दी है,
इस चाँद को देख खुद मेरा चाँद शरमाया है …

-निसर्ग

मदहोशी …

जबसे देखा है तुजको,
बिता रहा हूँ जिंदगी मदहोशी में …

अंजान है इन रास्तो की गलिया ,
चला जा रहा हूँ में मदहोशी में …

गुजर रहे है दिन मैखाने में,
भरे जा रहा हूँ पैमाने मदहोशी में…
– निसर्ग

Happy Holi….

हर साल खेलते है होली रंगों से भरी पिचकारी से, चलो थोडा Change लाते है Life में और खेलते है प्यार भरी पिचकारी से …

छोड़ देते है काला रंग जो प्रतिक है नफ़रत का ,  लेते है चन्दन,  गुलाल और केशुड़ो हाथ में जो प्रतिक है मोहब्बत का…||

Happpppppppy hollliii…

-Nisarg