बात बन जाती है…

किसीकी याद रह जाती है, किसीकी चाहत मिल जाति है…

जिन्दगि की राह मे कई वादियाँ गुज़र जाती है…

हर वादी में खुदको नया पाता हूँ ,

बेगाने अपने हो जाते है और बात बन जाती है…

– निसर्ग