आहें …

अभी रात तो होने दो,
चाँद को अपनी चांदनी तो बिखेर ने दो,
अभी थोड़ी ओर आहें भर लेते है,
इन्तेजार के कुछ और पल जी तो लेने दो ||

– Nisarg

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Happy Holi….

हर साल खेलते है होली रंगों से भरी पिचकारी से, चलो थोडा Change लाते है Life में और खेलते है प्यार भरी पिचकारी से …

छोड़ देते है काला रंग जो प्रतिक है नफ़रत का ,  लेते है चन्दन,  गुलाल और केशुड़ो हाथ में जो प्रतिक है मोहब्बत का…||

Happpppppppy hollliii…

-Nisarg

ચિત્ર …

હું તો  અહિયાં જ છુ  ઝીંદગી,
ના જાણે તુ ક્યાં ચાલી ગઈ?
રોજની ભાગદોડમાં તુ ક્યાં ખોવાઈ ગઈ,
નથી ગમતું ઝીણું ઝીણું કાંતવું,
બીજાના ચિત્રમાં રંગ બનીને રેહવું,
મારા સપના ને ક્યારે ચિત્ર બનાવીસ?

– નિસર્ગ

तेरे प्यार में डूबा जा रहा हूँ …

तेरी बाहों में आ बसा हूँ ,
तेरे दिल की राहो में आ चला हूँ ,
क्या हो गया  है मुझे
के में तेरी और बढ़ता जा रहा हूँ ,
बहोत कोशिश की फिर भी
तेरे प्यार में डूबा जा रहा हूँ ||
– निसर्ग